इस ‘ यात्रा ’ की सफलता के लिए प्रार्थनाएँ कीं जानी चाहिए ! - श्रवण गर्ग दुनिया के प्रजातांत्रिक मुल्कों का ध्यान इस समय भारत की कथित आर्थिक तरक़्क़ी पर नहीं बल्कि इस बात पर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मई 2014 में सत्ता में आने के बाद पहली बार इतने निर्णायक तरीक़े से राजनीतिक चुनौती मिल रही है और सत्तारूढ़ दल में 2024 के परिणामों को लेकर एक तरह की बेचैनी है। बाहरी दुनिया देखना चाह रही है कि प्रधानमंत्री सामने खड़ी चुनौती से कैसे निपटते...