- श्रवण गर्ग पचास साल से ज़्यादा का वक्त होने आया ! जिस एक व्यक्तित्व का चेहरा देश के इन कठिन दिनों में सबसे अधिक स्मरण हो रहा है , जिसकी छवि आँखों की पुतलियों में तैर रही हैं वह जयप्रकाश नारायण ( जेपी ) का है। ऐसा होने के पीछे कुछ ईमानदार कारण भी हैं ! साल 1972 में जेपी के समक्ष हुए दस्युओं के ऐतिहासिक आत्म - समर्पण के पहले चम्बल घाटी में बिताया गया लगभग तीन महीने का समय और फिर 1974 में बिहार आंदोलन के दौरान जेपी के ...