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विकल्प   भी   अगर   हिंदुत्व   है   तो   फिर   भाजपा  ही  क्या   बुरी   है  ? - श्रवण   गर्ग   कर्नाटक   फ़तह   के   बाद   विंध्य   पार   करते   ही   कांग्रेस   इस   नतीजे   पर   पहुँच  गई  कि   नफ़रत   का   कोई   बाज़ार   अब कहीं  मौजूद   नहीं   है ,  मोहब्बत   की   दुकानें   ही   चारों   तरफ़   खुली   हुई   हैं।  साथ ही  यह   भी   कि   भाजपा   से  मुक़ाबले  के   लिए   अब ज़रूरत   सिर्फ़   हिंदुत्व   के   उससे   भी   बड़े   शो   रूम्स   खोलने   की   है। कर्नाटक   में   राहुल   गांधी   ने  ‘ नफ़रत   के   बाज़ार ’  में  ‘ मोहब्बत   की दुकान’  खोली   थी।   नफ़रत   के   बाज़ार   का ...