बदल गईं हैं औरतें ! - श्रवण गर्ग कर दिया घूँघट के भीतर से ही मना औरतों ने हाथ के इशारों से नहीं जाएँगी बुलावे पर रोने के लिए और करने लगीं ठिठौली बतियाने लगीं आपस में गाँव के बाहर बनाए गए जात के कुएँ की मुँडेर के पास ! कुछ बुनने लगीं अपनी कथाएँ कि बढ़ गए हैं अपने ही रोने बहुत कहाँ - कहाँ जाएँ रोने नक़ली रोना पीटने छातियां ज़ोर - ज़ोर से फेफड़े भी हो गए हैं कमज़ोर कूट - कूटकर धान ज़मींदार का ! जान गईं...
Posts
- Get link
- X
- Other Apps
भारत को मुक्ति पहले किससे मिले ? कांग्रेस या भाजपा से ? - श्रवण गर्ग भाजपा ने अंतिम क्षणों में अपने आप को बचा लिया ! कांग्रेस ख़ुद को नहीं बचा पाई ! कमलनाथ अपनी पुरानी पार्टी में ही बने रहेंगे ! हो सकता है लोकसभा चुनाव संपन्न होने तक प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाक़ात के नए चित्र मीडिया में नज़र नहीं आएँ। कमलनाथ को किन कारणों से कांग्रेस में ही रुकना पड़ा उसका खुलासा आसानी से नहीं हो पाएगा। प्रधानमंत्री और भाजपा के चुनावी रणनीतिकारों ने सोचा ...